पालघर : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति लोगों में जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और सेंट जॉन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट ओर से संयुक्त रूप से आयोजित तीन दिवसीय “विक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी 2026” का शुभारंभ पालघर स्थित सेंट जॉन टेक्निकल एंड एजुकेशनल कैंपस में उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम में ISRO के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि डॉ. एस. पी. व्यास ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा का प्रेरक वर्णन करते हुए भावी अंतरिक्ष मिशनों और तकनीकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर निर्माण हेतु प्रेरित किया।
इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण “स्पेस ऑन व्हील्स” रहा — एक मोबाइल अंतरिक्ष प्रदर्शनी इकाई, जिसमें भारत के अंतरिक्ष मिशन, उपग्रह तकनीक और प्रक्षेपण यानों से जुड़ी जानकारी आधुनिक मॉडल, पैनल और ऑडियो-विज़ुअल माध्यमों के जरिए प्रस्तुत की जा रही है। आगंतुकों को सहभागात्मक और रोचक शिक्षण अनुभव प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया है।
प्रदर्शनी में उपग्रह तकनीक, अंतरिक्ष मिशन और रॉकेट प्रक्षेपण से जुड़े इंटरैक्टिव मॉडल प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम सभी के लिए निःशुल्क और खुला है। आयोजकों के अनुसार, तीन दिनों में पालघर जिले के अलावा वाडा, मनोर, मुंबई, नाशिक और आसपास के क्षेत्रों से 10,000 से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। विशेष रूप से विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों तथा दिव्यांग एवं दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के विशेष विद्यालयों को आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी को समान शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक उपक्रमों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा और सामाजिक दायित्व को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। पालघर के लिए यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रेरणादायक पहल के रूप में देखी जा रही है।
इस अवसर पर डॉ. धनी राम राजक (समूह निदेशक, SAC–ISRO), श्रीमती दिशा दवे (वरिष्ठ विज्ञान संप्रेषक), श्री राहुल भाडणे, श्री अमित माली, श्री प्रणव पंड्या सहित कई विज्ञान संप्रेषक एवं प्रदर्शनी प्रबंधक उपस्थित रहे। आयोजकों ने युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और जिज्ञासा विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो राष्ट्रीय विकास के उद्देश्यों के अनुरूप है।

