पालघर : पालघर स्थित ग्रामीण सरकारी अस्पताल में फैली गंदगी और अव्यवस्थासे मरीज परेशान है।अव्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की बढ़ती शिकायतों के बाद भाजपा के स्थानीय नेता व पूर्व नगरसेवक कैलास म्हात्रे एक प्रतिनिधिमंडल के साथ अचानक अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की कमी, शौचालयों की खराब स्थिति और अव्यवस्थित व्यवस्थाएं सामने आईं। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार अस्पताल के शौचालय इतने गंदे पाए गए कि मरीजों के लिए उनका उपयोग करना मुश्किल हो रहा है। साथ ही कई जगहों पर स्वच्छता और रखरखाव की स्थिति भी बेहद खराब नजर आई।

पूर्व नगरसेवक कैलास म्हात्रे ने अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा उपकरणों की कमी, व्यवस्थाओं में अव्यवस्था और कुछ कर्मचारियों की लापरवाही देखने को मिली।
उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के उपचार को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि कई मामलों में पहले दवा लिख दी जाती है और बाद में जांच की प्रक्रिया की जाती है, जबकि सही प्रक्रिया के अनुसार पहले जांच और रिपोर्ट के आधार पर उपचार किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को होने वाली परेशानियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से कड़ी पूछताछ की और स्पष्टीकरण भी मांगा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक कर विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई और जल्द सुधार की मांग की गई।
इस मामले में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामदास मराड ने कहा कि यह समस्याएं उनके संज्ञान में आई हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों से चर्चा कर जल्द से जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर नगरसेविका प्रगती म्हात्रे , नगरसेविका कृपा मोरे , पूर्व नगराध्यक्ष अंजली पाटील ,पूर्व नगरसेवक मनोज (पांडू) मोरे ,विनू घरत ,अलका राजपूत ,सविता (सावी) मल्लाह , जान्हवी गवळी ,विदिशा माळी ,कुसुम तिवारी ,शीतल चौधरी समेत अन्य लोंग उपस्थित थे।

