बच्चा चोर कह कर गांव वालों ने बनाया कैदी , कुछ समय के लिए माहौल हुवा तनावपूर्ण
पालघर : मुंबई से सटा पालघर जिले का समुद्र तट पर बसा दांडी गांव, इस गांव में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब गांव वालों ने चादर बेचने वाली एक टोली को बच्चा चोर समझ कर घेर लिया। वही इस घटना की सुचना मिलने के बाद भारी पुलिस बल और पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे सातपाटी पुलिस निरीक्षक उद्धव सुर्वे और कर्मियों ने किसी तरह भीड़ को कंट्रोल करते हुए इस टोली को भीड़ के चंगुल से छुड़ा कर हिरासत में लिया।
अगर समय पर पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर नहीं पहुंचते तो पालघर में फिर मॉब लिंचिंग की पुनरावृत्ति हो सकती थी। वही इस घटना को लेकर गांव वालो का कहना है दांडी गांव में चादर बेचने के बहाने आई यह टोली गांव के स्कुल के बारे पूरी जानकारी इकट्ठा रहते थे, वह बच्चो का फोटो अपने मोबाईल में निकाल कर यह भी जानकारी इकट्ठा कर रहे थे कि स्कुल में बच्चें कब आते,कब छुट्टे है,बस कब आती है,कब जाती है। बताया जा रह है की वही इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में गांव के महिला , पुरुष , युवक , युवतियां इकट्ठा हो कर इन्हें कैदी बनाकर पूछताछ करने लगे। जब गांव वालो ने इनका मोबाईल लेकर चेक करना चहा तो उन्होंने अपना मोबाईल लॉक कर दिया । जिसके बाद उनके प्रति लोगों में और आक्रोश फ़ैल गया और उन्हें पकड कर ग्रामपंचायत की बिल्डिंग में कैद कर रखा। जिसके बाद सुचना मिलते ही मौके पर पहुंची सातपाटी पुलिस उन्हें किसी तरह भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन के लिए रवाना हो गयी ।
पुलिस का कहना की तीन लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है । जिसमें दो नाबालिक है। यह लोग गुजरात के वलसाड के रहने वाले है और उमरगांव में रहते है । पुलिस के पूछताछ करने पर इन्होने बताया है की यह लोग चद्दर बेचने का काम करते है , उनके बच्चे ने गलती से बच्चों का फोटो खीच लिया था । इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है । साथ ही पुलिस ने लोगो से अपील करते हुए कहा है की ऐसी अफवाहों पर ध्यान न , अगर गांव में य आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है तो तुरन अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में संपर्क करे और इसकी जानकारी पुलिस को दे , कानून अपने हाथ में न ले ।

