पालघर : पालघर में आयोजित नौ दिवसीय बजरंग दांडिया रास में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। दिन में श्रद्धालु श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं, जबकि रात में मां अंबे की आराधना करते हुए दांडिया रास में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन को श्रद्धालुओं का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, पालघर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वाराणसी से पधारे कथावाचक परम पूज्य श्री आनंद पराशर जी भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रामायण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन कर रहे हैं। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और जीवन मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
कथा आयोजक कोमल नंदकुमार दुबे और बजरंग दांडिया रास के अध्यक्ष मुकेश दुबे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करना है। दिन में रामकथा और रात में दांडिया रास के आयोजन से पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
भक्ति और संस्कृति का संगम
बजरंग दांडिया रास में परिवार सहित पहुंच रहे श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। रामकथा के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश और दांडिया रास के जरिए मां अंबे की आराधना का अवसर मिलने से यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यह कार्यक्रम महिम-मनोर हाईवे पर टिंकुल स्टार स्कूल के सामने स्थित समा गार्डन में आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर श्रीराम कथा का श्रवण करने और मां अंबे की भक्ति में सहभागी बनने की अपील की है।

