Saturday, April 11, 2026
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    डहाणू आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने समुद्र किनारे लिया वॉटर सर्फिंग का रोमांचक आनंद

    पालघर : डहाणू के परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री की नवाचारी पहल के तहत, डहाणू एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत शासकीय आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने वसई समुद्र तट पर वॉटर सर्फिंग का रोमांचक अनुभव लिया। यह कार्यक्रम मुंबई सर्फ क्लब एंड स्कूल के सहयोग से आयोजित किया गया।विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष और अविस्मरणीय साबित हुआ। अधिकांश छात्रों ने पहली बार वॉटर सर्फिंग जैसी जलक्रीड़ा का अनुभव किया।

    इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में छात्रों को वॉटर सर्फिंग का प्रशिक्षण और प्रात्यक्षिक दिया गया। सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को स्वयं सर्फिंग करने का अवसर भी मिला। शुरुआत में कुछ छात्रों को डर लगा, लेकिन प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्होंने आत्मविश्वास के साथ इस अनुभव का आनंद लिया। विद्यार्थियों ने आगामी माह में होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा भी व्यक्त की। इस उपक्रम ने आश्रमशाला के बच्चों के लिए एक यादगार अवसर प्रदान किया। विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और संतोष साफ झलक रहा था। इस पहल से उनमें साहस, आत्मविश्वास और नई चीजें सीखने की प्रेरणा विकसित हुई है। परियोजना अधिकारी विशाल खत्री ने कहा कि आश्रमशाला के कई बच्चे बेहद विपरीत परिस्थितियों से आते हैं और उनके जीवन में ऐसे अवसर बहुत सीमित होते हैं। “आज जब उन्होंने पहली बार पानी पर खड़े होकर सर्फिंग की, तो उनके चेहरे पर जो खुशी और आत्मविश्वास दिखाई दिया, वह बेहद संतोषजनक था। यह केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने की शुरुआत है।

    छात्र रोशन हरपाले ने कहा, “वॉटर सर्फिंग मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था। शुरुआत में डर लगा, लेकिन बाद में बहुत मजा आया। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।छात्रा नंदिनी चव्हाण ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “शुरुआत में डर लग रहा था, लेकिन प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से आत्मविश्वास बढ़ा। पानी पर सर्फिंग करना बेहद रोमांचक था। ऐसे कार्यक्रम हमें नई चीजें सीखने और साहस करने की प्रेरणा देते हैं। मुंबई सर्फ क्लब एंड स्कूल, विरार की संचालक प्रीति रावत ने कहा, “शुरुआत में कुछ बच्चे डर के कारण पीछे हट रहे थे, लेकिन थोड़ी ही देर में वही बच्चे साहस के साथ सर्फिंग करते नजर आए। उनके चेहरे की खुशी और ‘हम भी कर सकते हैं’ की भावना देखना हमारे लिए बेहद भावुक और यादगार क्षण था।

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