Tuesday, May 5, 2026
No menu items!
More

    नन्हे हाथों की बड़ी उड़ान: 6.5 वर्षीय ईशा ने दिया पर्यावरण और मानवता का संदेश

    ठाणे: पर्यावरण संरक्षण के लिए उम्र नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और अच्छे संस्कार जरूरी होते हैं—यह बात ठाणे की महज 6.5 वर्ष की बालिका ईशा संदीप मोरे ने अपने कार्य से साबित कर दी है। ईशा ने अपने माता-पिता कविता मोरे और संदीप मोरे के साथ मिलकर ‘प्रकल्प आशादायी’ (Project Aashayein) पहल के तहत स्वयं एकत्रित की गई 51 नॉन-वोवन (NWPP) थैलियां प्रशासन को सौंप दीं। यह कदम न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता दर्शाता है, बल्कि समाज में मानवता और जिम्मेदारी का भी मजबूत संदेश देता है।

    परिवार से शुरू होती है जागरूकता
    ईशा का यह प्रयास ‘REACH’ (Responsibility, Empathy, Awareness, Compassion, Harmony) मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। जब माता-पिता बच्चों को ऐसे सामाजिक कार्यों में शामिल करते हैं, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

    क्या है ‘प्रकल्प आशादायी’?
    यह पहल ठाणे जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया एक पायलट प्रोजेक्ट है, जिसकी संकल्पना विजयकुमार कट्टी (संस्थापक, वेसॅक इंडिया) ने की है। इस अभियान को जिला सूचना अधिकारी मनोज सानप का सहयोग प्राप्त है, वहीं जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ का विशेष मार्गदर्शन भी मिल रहा है।

    अभियान के प्रमुख उद्देश्य:

    • सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक लगाकर पर्यावरण संरक्षण
    • घरों में पड़ी NWPP थैलियों का पुनः उपयोग (Reuse)
    • छोटे व्यापारियों को थैलियां उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक बचत सुनिश्चित करना

    इस पहल के माध्यम से जहां प्लास्टिक प्रदूषण कम होगा, वहीं छोटे दुकानदारों को हर महीने 2000 से 2500 रुपये तक की बचत भी हो सकेगी।

    ईशा के योगदान का प्रभाव (Impact):

    • 12.75 किलोग्राम सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचाव
    • 2,295 लीटर पानी की बचत
    • 76.5 किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कमी
    • लगभग 3.83 परिपक्व पेड़ों के बराबर कार्बन अवशोषण में मदद

    ईशा की मुस्कान और उसका यह छोटा सा प्रयास यह संदेश देता है कि बदलाव की शुरुआत हम खुद से कर सकते हैं।

    सामाजिक अपील:
    एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी ठाणेकरों से अपील की गई है कि वे भी इस पहल से जुड़ें और अपने घरों में उपलब्ध नॉन-वोवन थैलियों को दान कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। उनका कहना कि छोटे कदम, बड़ा बदलाव”—इसी सोच के साथ 2.5 लाख थैलियां एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ठाणे को प्लास्टिक मुक्त और हरित बनाया जा सके।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular