सफाले में सीईओ मनोज रानडे ने दत्तक बालक के घर पहुंचकर लिया स्वास्थ्य व पोषण का जायजा
पालघर : जिले में कुपोषण की समस्या कम करने के लिए जिला परिषद की ओर से कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी लेने की पहल की जा रही है। इसके तहत अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कुपोषित बच्चों को दत्तक लेने का अभियान चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने सफाले के ठाणेपाड़ा आंगनवाड़ी में दत्तक लिए गए बालक हार्दिक निलेश परेड के घर पहुंचकर उसके स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी ली।
गणपति उत्सव के अवसर पर रानडे ने आंगनवाड़ी के बच्चों और उपस्थित लोगों को मोदक वितरित किए। उन्होंने हार्दिक का वजन व ऊंचाई जांचने के साथ नियमित पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच और कृमिनाशक दवा की जानकारी अधिकारियों से ली। बच्चे के पोषण में सुधार के लिए अंडे और दूध उपलब्ध कराने तथा अगले छह माह तक नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। हर महीने घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर
रानडे ने कहा कि बच्चे के स्वास्थ्य के साथ परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी जरूरी है। उन्होंने परिवार की जमीन, धान व पत्तेदार सब्जियों की खेती तथा आय के अन्य साधनों की जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आटा चक्की, सिलाई मशीन, पोल्ट्री शेड, कुक्कुट पालन और पशुपालन जैसी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने पर चर्चा की गई।
इसके बाद रानडे ने कुपोषित बालिका धनश्री पिंटू ठाकरे के घर पहुंचकर भी स्वास्थ्य व आर्थिक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। हार्दिक और धनश्री को सूखे मेवे सहित पौष्टिक खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी व्यंकटराव हुंडेकर, बाल विकास परियोजना अधिकारी अमोल पवार, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तनवीर शेख, आंगनवाड़ी सेविका, पर्यवेक्षिका, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

